STORYMIRROR

kanchan aprajita

Romance

3  

kanchan aprajita

Romance

साथ तुम्हारा ऐसे जैसे

साथ तुम्हारा ऐसे जैसे

1 min
400

साथ तुम्हारा ऐसे जैसे,

सेहरा पर बरसी घटायें हो।

साथ तुम्हारा ऐसे जैसे,

खुशबू से महकी फिजायें हो।


साथ तुम्हारा ऐसे जैसे,

बिन मौसम के फूल खिले।

साथ तुम्हारा ऐसे जैसे,

हवाओं मे संगीत घुले।


साथ तुम्हारा ऐसे जैसे,

एहसासों का सागर हो। 

साथ तुम्हारा ऐसे जैसे,

स्वर्ण घट भरा गागर हो।


साथ तुम्हारा ऐसे जैसे,

भावों के मेले हो।

साथ तुम्हारा ऐसे जैसे,

हम तुम एक दुजे के हो।


साथ तुम्हारा प्यार है जानम

साथ तुम्हारा सबकुछ है।

साथ तुम्हारा साँस है मेरा,

जिसके बिना जीवन ही नहीं।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance