STORYMIRROR

Dr Lakshman Jha "Parimal"Author of the Year 2021

Inspirational

4  

Dr Lakshman Jha "Parimal"Author of the Year 2021

Inspirational

" क्षितिज के तारे "

" क्षितिज के तारे "

1 min
319


यह मानता हूँ

कि हम सारे ही

एक क्षितिज

के तारे हैं

गिनना आसान

नहीं

सब के सब

आसमान

के चमकते सितारे हैं

कोई बड़ा

ना कोई छोटा

सबके सब

लोगों को प्रकाश

देते हैं

भूले हुए राही को

अंधेरी

निशा में

दिशा दिखा

देते हैं

पता नहीं

कब ये 

मलिन होते हैं ?

कर्तव्य पथ पर

अडिग रहकर

कर्तव्य सदा

करते हैं

इनमें ध्रुबतारा

और सप्तऋषि

श्रेष्ठ रहकर भी

सबके

साथ रहते हैं

कभी इनमें

शायद ही  

कोई मतांतर ,

अवहेलना ,

अशिष्टता

की बातें करते हैं

व्यथा इनको

भी होती है

जब ये टूटते हैं

पर टूटने का 

कभी लोगों को

संदेश नहीं देते हैं

पर हमें देखके

अपनो में

बातें जरूर

करते होंगे

हमारी

अशिष्टता ,

अवहेलना

और

ईगो की बात

करते होंगे

धरा के लोगों में

एक दूसरे से प्रेम

जब तक नहीं होगा

तबतक फिर हमको

इस जहाँ में श्रेष्ठ 

बोलो कौन कहेगा ?



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational