Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra
Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra

Kumar Kishan

Inspirational


4  

Kumar Kishan

Inspirational


चलता जा मुसाफिर

चलता जा मुसाफिर

1 min 241 1 min 241

आज हालात बदलें-बदलें से हैं।

हसीं हैं चेहरें पर...

और दिल में उदासी है।

मायूस मत होना

इस बिगड़े हालात पर।

मंजिल मिलेगी तुझे

बस...चलता जा मुसाफिर।


समय की इस धारा में

तुझको डूबना नहीं है।

माना की कश्ती है मझधार में

और,साहिल दूर है।

बस...मंजिल मिलेगी तुझे

चलता जा मुसाफिर।


ये तूफान,ये बाधा

कब तक तुझे रोकेंगे।

तू तो मुसाफिर है

और,तुझे चलते जाना है।

बस...मंजिल मिलेगी तुझे

चलता जा मुसाफिर।


पर देख कही 

उम्मीद का सूरज डूब ना जाए।

और,वक्त की पुकार पर

तू अनसुना हो ना जाए।

हिम्मत रख और तू कर विश्वास

बस...मंजिल मिलेगी तुझे

चलता जा मुसाफिर।


Rate this content
Log in

More hindi poem from Kumar Kishan

Similar hindi poem from Inspirational