Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra
Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra

Kumar Kishan

Inspirational


3  

Kumar Kishan

Inspirational


नव वर्ष का स्वागत

नव वर्ष का स्वागत

1 min 202 1 min 202


इस मुक्कमल जहां से

क्या शिकवा करूँ?

जो लम्हा गुजर गया...

क्यों उसे याद करूँ


ऐ नई साल तुझसे यही उम्मीद है

खुशियों की नजराना तू दे

हर शख्स को गम और जफ़ा

से दूर कर दे


इस मुकम्मल जहां से क्या 

शिकवा करूँ...

जो लम्हा गुजर गया

क्यों उसे याद करूँ?


ऐ मेरी तन्हाई

अब तू शिकवा ना कर

आँखों में अश्क का समंदर है

फिर भी, लबों पे मुस्कुराहट रख


नई साल, नई उम्मीद की किरण है

बीते लम्हों को भुलाकर

मैं क्यों ना इसका स्वागत करूँ?

क्यों ना इसका स्वागत करूँ?

 


Rate this content
Log in

More hindi poem from Kumar Kishan

Similar hindi poem from Inspirational