Click here to enter the darkness of a criminal mind. Use Coupon Code "GMSM100" & get Rs.100 OFF
Click here to enter the darkness of a criminal mind. Use Coupon Code "GMSM100" & get Rs.100 OFF

Kumar Kishan

Abstract


4  

Kumar Kishan

Abstract


यादें

यादें

1 min 274 1 min 274


जब कभी तन्हाई में होता हूँ

दिल में वेदना सी उठती है

यादों का सागर....

मानो,अपनी आगोश में लेता है

तब,मुश्किल होता है

यादों से पीछे छुड़ाना

बड़ा कठिन होता है फिर,

मन को समझाना

यादों के बारें में क्या लिखूं

यादें तो नीम की तरह

कड़वी होती है तो

मिठाई की तरह मीठी होती है

जिंदगी में तो हम

बहुत कुछ खोते,पाते हैं

फिर भी,यादें तो बस

यादें बनकर रह जाती हैं!

 


Rate this content
Log in

More hindi poem from Kumar Kishan

Similar hindi poem from Abstract