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Mistry Surendra Kumar

Inspirational

4  

Mistry Surendra Kumar

Inspirational

नैतिकता

नैतिकता

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4 जून की कहूँ कहानी, अपने मन की बात,

ध्यान लगाकर परमपिता का, की दिन की शुरुआत


कुछ अपनों को संबल देकर, कुछ की सुनकर बात

धीरे-धीरे दिन ढलता है, दिखने लगती रात,


मानवता की सेवा करके, स्वार्थ भाव से ऊपर उठके,

नैतिकता का फर्ज निभाना होगा...

भारत को स्वर्ग बनाना होगा।


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