STORYMIRROR

Amit Kumar

Inspirational

4  

Amit Kumar

Inspirational

स्वयं

स्वयं

1 min
244

पवित्र वही है

जो सच्चा है 

लेकिन वो 

किसी के लिए

अर्थपूर्ण हो 

यह ज़रूरी नही

वो निरर्थक भी

हो सकता है

वो वेदना जो

भावनाओं को कुंठित कर

योजनाओं को आकार

देती है वही अक्षम को

सक्षम कर सकती है

स्वार्थ सिद्धि नही यह

यह वो उद्देश्य बन गया है

जो स्वयं को ढूंढना है

स्वयं के लिए ही

किंतु स्वयं से परे होकर....।

       


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational