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Dr Lakshman Jha "Parimal"Author of the Year 2021

Classics

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Dr Lakshman Jha "Parimal"Author of the Year 2021

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"सूर्य नमस्कार "

"सूर्य नमस्कार "

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आदरणीय "StoryMirror" मंच को नमन के साथ अपनी स्वरचित मौलिक कविता सादर समर्पित !

 संदर्भ :---यह कविता सूर्य को केवल एक खगोलीय पिंड नहीं, बल्कि जीवन, ऊर्जा, आशा और आध्यात्मिक प्रेरणा के स्रोत के रूप में प्रस्तुत करती है।सूर्य हमें ऊर्जा देता है और उसके बिना जीवन संभव नहीं है। जल, जीवन, जंगल और पर्वत सभी सूर्य के गुणों का बखान करते हैं, जो यह दिखाता है कि सूर्य संपूर्ण प्रकृति का आधार है।

दिनाँक:---31 मार्च 2026

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"सूर्य नमस्कार"
डॉ लक्ष्मण झा परिमल 
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सूर्य के प्रकाश को 
रोक कौन सकता है
रोशनी से उसके ही 
सारा जग चमकता है 
अंधेरे इस धरती को 
उजाला यह करता है 
जीवन में फुर्ती का 
संदेश  यह देता है
सूर्य के निकलने का 
इंतजार लोग करते हैं
पक्षी, जीव- जन्तु सारे 
चहचहाने लगते हैं 
शुभप्रभात बंदन हम 
लोगों को करते हैं 
अपने से बुजुर्गों को 
प्रणाम हम करते हैं 
पराती के मधुर धुन 
गायन हम सुनते हैं 
पूजा अर्चना मंत्रों से 
मंदिर सब  निखरते हैं 
यह देता है ऊर्जा हमें  
इसके साथ  रहते हैं
जल,जीवन,जंगल सारे  
इसके ही गुण गाते हैं !
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डॉ लक्ष्मण झा परिमल 
दुमका ,झारखंड


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