STORYMIRROR

Dr Lakshman Jha "Parimal"Author of the Year 2021

Inspirational

4  

Dr Lakshman Jha "Parimal"Author of the Year 2021

Inspirational

"अंतर्मन "

"अंतर्मन "

1 min
7

आदरणीय "StoryMirror   "मंच को सादर प्रणाम के साथ अपनी स्वरचित मौलिक कविता सादर समर्पित 

सार: कवि के लिए सच्चा सुख बाहरी दिखावे में नहीं, बल्कि अंतर्मन के खुलेपन, मौन, शांति, मधुरता और संतोष में बसता है। यह सादगी और आत्मिक शांति की कविता है।

दिनाँक: 10 मई 2026

==============

"अंतर्मन"

डॉ लक्ष्मण झा परिमल

================

खुला आकाश

खुली हवाएँ

खुला मन

खुली दिशाएँ

खुला खुला सा सुहाना लगता है !

मौन रहना

मौन चलना

मौन सुनना

मौन साधना

मुझे सदा से ही अच्छा लगता है !

शांत परिवेश

शांत चित

शांत मन

शांत साधना

में रहना ही मुझे अच्छा लगता है !

मधुर संगीत

मधुर बोल

मधुर कल्पना

मधुर आभास

से मेरा मन सदा तृप्त होने लगता है !

वासंती हवा

वासंती महक

वासंती रंग

वासंती परिधान

देखकर हृदय बारबार उछलने लगता है !

छोटी ज़िंदगी

छोटी आशा

छोटी चाहतें

छोटी अभिलाषा

पाकर मुझे भी कुछ कुछ होने लगता है !

=================

डॉ लक्ष्मण झा परिमल

दुमका ,झारखंड

10.05.2026


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational