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Dr Lakshman Jha "Parimal"Author of the Year 2021

Inspirational

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Dr Lakshman Jha "Parimal"Author of the Year 2021

Inspirational

"साहित्यिक चोरी "

"साहित्यिक चोरी "

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आदरणीय "StoryMirror "मंच को प्रणाम के साथ अपनी स्वरचित मौलिक कविता सादर समर्पित !

केंद्रीय भाव :--कविता AI के दौर में रचनात्मकता और मौलिकता के क्षरण पर व्यंग्य है। कवि बताते हैं कि कैसे AI की सुविधा ने "साहित्यिक चोरी" को अपराध से चलन में बदल दिया है।
दिनाँक:- 17 मई 2026
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"साहित्यिक चोरी"

डॉ लक्ष्मण झा परिमल 

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साहित्यिक चोरी 

पहले अपराध 

की श्रेणी में आती थी 

अब हम दिन- रात 

चोरी किया करते हैं 

कठिन से कठिन विषयों 

और प्रश्नों में अब नहीं 

उलझ सकते हैं 

महाभारत हो 

या राम -रावण का युद्ध 

हम नहीं कभी हार सकते हैं

AI सब कुछ बताता है 

सब कुछ सिखाता है 

आप जहाँ स्तब्ध मौन 

और निरुत्तर हो जाएंगे 

AI आपको राह दिखेगा 

हाँ ,आप मौलिकता तो 

अवश्य  खोते जाएंगे 

हो सकता है आप 

शिथिल भी पड़ जाएंगे 

पर साहित्यिक चोरी में 

पारंगत हो जाएंगे 

आपको शायद ही कोई पहचाने

प्रशस्ति पुरस्कार आपको 

सदा मिलते रहेंगे  

पर आपका हृदय और मन  

आपको कुछ और कहेंगे !

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डॉ लक्ष्मण झा परिमल 

दुमका 

झारखंड 

17 मई 2026  


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