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Krishna Chiku

Romance Classics


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Krishna Chiku

Romance Classics


कोई अनजान अपना

कोई अनजान अपना

1 min 153 1 min 153

एक पल में कोई अनजान 

अपना हो गया

आज हक़ीक़त में तब्दील मानो

कोई सपना हो गया


दिल बस उसकी प्यारी यादों में 

खोया होता है

घुल गए उनमें ऐसे, जैसे रसगुल्ला

चाशनी में भिगोया होता है


मिलते ही,उसके शुरू खुशियों की

बरसात हो गई

हम कितने ख़ुशनसीब है,जो ऐसे

शख्स से मुलाक़ात हो गई


सांसो से जुड़ा उनसे एक बहुत 

सुंदर रिश्ता है

आये हैं, वो जिंदगी में ऐसे हमारी

जैसे कि कोई फ़रिश्ता है।


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