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अनामिका वैश्य आईना Anamika Vaish Aina

Romance

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अनामिका वैश्य आईना Anamika Vaish Aina

Romance

रूह बँधी मेरे यार से

रूह बँधी मेरे यार से

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तुम देखो मुझे कभी प्यार से

मुक्ति मिले बोझिल संसार से.. 


खुशी से कुर्बान हो जाऊँ मैं-

भुजपाश में लो अधिकार से..


ग़र हाथ मेरा हो तेरे हाथ में 

नहीं डरती मैं किसी प्रहार से.. 


जीत लेते हो मुझको मुझसे 

तब खुशी मिले मुझे हार से.. 


लोक-लाज सब भूल सखे 

जीती हूँ तेरे दिए करार से.. 


दर्पण बन 'आईना' निहारें 

मेरी रुह बँधी मेरे यार से.



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