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Divyanshi Triguna

Abstract Romance Fantasy

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Divyanshi Triguna

Abstract Romance Fantasy

कृष्ण दरवाजे खोलते हैं

कृष्ण दरवाजे खोलते हैं

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सारे बन्द दरवाजों को, 

कृष्ण मेरे खोलते हैं,

ना भटकूं मैं इस दुनिया, 

ऐसा प्रभु मेरे बोलते हैं,


समझाते हैं बार बार यूं, 

जीवन रस मन घोलते हैं,

उनकी मर्जी हीं हैं चलतीं, 

दुनिया के हर दरवाजे पर,


एक नज़र जिस ओर भी देखें,

खुलते चलते दरवाजे इधर,

सारे बन्द दरवाजों को, 

कृष्ण मेरे खोलते हैं.......


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