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Kishan Negi

Romance

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Kishan Negi

Romance

कम्बख्त दर्द थमा गई

कम्बख्त दर्द थमा गई

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किसी को पाने की हसरत लिए 

कल इक अजनबी के लिए बदला था 

कमबख़्त दर्द थमा कर चली गई 

आज ख़ुद को पाने की हसरत में बदला हूँ 


दिल लगाने वालों के शहर में 

कल इश्क़ का सौदागर बनकर निकला था 

यहाँ जीने की तमन्ना रखते हैं लोग 

आज दर्द का सौदागर बनकर निकला हूँ 


हाथ में उसका पता लेकर

कल उसके घर के सामने फिसला था 

कस कर बांहों में जकड़ लिया 

आज इश्क़ की गिरफ्त में फिसला हूँ 


कारवाँ में उसका हाथ थाम कर 

कल ज़माने की नज़रों से बच निकला था 

आज साथ में कोई और था 

चुपके से उसकी नज़रों से बच निकला हूँ 


दीवाना बन गया था जिसका 

कल उसकी साँसों में मोम बन के पिघला था 

बेवफ़ा दिल चुराकर ले गई 

आज दिल की तलाश में धूप में पिघला हूँ 



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