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Priyanka Rahuja

Tragedy

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Priyanka Rahuja

Tragedy

ख्वाब

ख्वाब

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कुछ पूरे कुछ अधूरे

कुछ दे गए हसीं कुछ छोड़ गए आंसू


 कुछ आशा निराशा पर टिके

कुछ परिश्रम आलस पर टिके


कुछ आज कुछ कल पर 

कुछ सुबह कुछ शाम पर


कुछ अपनो ने पूरे किए 

कुछ गैरो ने तोड़े

ख्वाब कुछ पूरे कुछ अधूरे।


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