आगमन
आगमन
1 min
89
दी आज दस्तक उसने घर पर
मानो सब बदल सा गया
अहसास ऐसा मन को छुआ उसने
मानो सब थम सा गया
उसकी किलकारियां सुने आंगन को भरे
देख उसको जी खुशियों से हो परे
उसकी मुस्कुराहट उसका रोना
वो है मानो खरा सोना
नन्ही नन्ही शरारतों से दिल को ऐसे छुआ
जी बिलकुल रुक सा गया
जब प्यार से उसने बुआ कहा।
