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Disha Singh

Drama

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Disha Singh

Drama

" ख्वाब देखा हैं मैंने "

" ख्वाब देखा हैं मैंने "

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ख्वाब देखा हैं मैंने जिन्हें पूरा जरुर करूँगा ,

छोटी छोटी जमा पूंजी से 

अपने सपनों को हक़ीक़त में जरूर बदलूँगा,


रास्ते में चाहें जितने भी मुश्किलें आये, 

मैं डटकर सामना करुंगा

अब जब चल पड़ा हूँ मैं

पीछे मुड़कर नहीं देखूंगा 


ये शौक नहीं जुनून हैं

मुसाफिर बन के रहना मुझें मंजूर हैं 

  

उन वादियों के बीच आके शांति मिलती हैं

जहाँ सिर्फ़ और सिर्फ़ खूबसूरती बिखेरती रहती हैं ,


बाइक की वो सवारी

खुले आसमान के नीचे ,

 टेंट का आशिया

और साथ अपने कैमरे में

 कैद किये तस्वीरों में इस कदर खो हो जाना,

लगे जैसे सपना सुहाना,


किसी के कहने से क्या होता हैं

मुझे पता है किस्मत लिखना क्या होता हैं

अपनी कड़ी मेहनत के बल पे 

जीवन के लक्ष्य को मैं पूरा करूंगा

और उस ऊँचाई को मैं सफलता की ओर ले के चला जाऊँगा ।

          


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