Priyanka Sagar
Fantasy
जिंदगी के रंग में रंगी
अनुभवों की सखी।
हँसती मुसकुराती
खिलखिलाती जिंदगी।
खुशियाँ बिखेरती
चमचमाती रोशनी।
उमंग में तरंग में
झिलमिलाती जिंदगी।
सुख हो या दुख
खुश हूँ ....ऐ जिंदगी।
पत्थर कोयला
नारी की जुबान...
रंग रंगीली दु...
नसीब
नशा
याद दिलाता मौ...
खुश हूँ....
अहोभाग्य
घर
तुलसी मैया
यही उम्मीद हमें हर बार मुस्कुराने की उम्मीद दिलाती है। यही उम्मीद हमें हर बार मुस्कुराने की उम्मीद दिलाती है।
प्रिया के आतुर हृदय की विकलता कुछ बढ़ गई। प्रिया के आतुर हृदय की विकलता कुछ बढ़ गई।
जिंदगी में तेरी कमी सी है मेरी आंखों में कुछ नमी सी है। जिंदगी में तेरी कमी सी है मेरी आंखों में कुछ नमी सी है।
अमरनाथ में गूँज रहा शिव घट घट वासी महादेव की जय, अमरनाथ में गूँज रहा शिव घट घट वासी महादेव की जय,
बहुत दूर खड़े थे वो तब, बस एक झलक पाई थी। बहुत दूर खड़े थे वो तब, बस एक झलक पाई थी।
मिलें तो आज भी वादे मुताबिक है रही ना प्यार वाली बात वादों में मिलें तो आज भी वादे मुताबिक है रही ना प्यार वाली बात वादों में
वो कातिल नजर, और लबों को मसलना। दीवानों पे बिजली गिराना, क्या कहिए। वो कातिल नजर, और लबों को मसलना। दीवानों पे बिजली गिराना, क्या कहिए।
बिन समर्पण के बताओ प्रीत पूरी कौन कहता । बिन समर्पण के बताओ प्रीत पूरी कौन कहता ।
मिलन रीत जहां की बिछुड़े प्रीत कहां की, मिलन रीत जहां की बिछुड़े प्रीत कहां की,
चुनरी तो वरदान है, चुनरी तो अभिमान। चुनरी नारी की शान है चुनरी इक मान। चुनरी तो वरदान है, चुनरी तो अभिमान। चुनरी नारी की शान है चुनरी इक मान।
जीवन वारूँ उस घड़ी, पिय -दरशन जब होय ! जीवन वारूँ उस घड़ी, पिय -दरशन जब होय !
अभी अभी तक वहाँ नहीं था कोई भी, शायद वो शख्स रस्ता अभी नया नया है ! अभी अभी तक वहाँ नहीं था कोई भी, शायद वो शख्स रस्ता अभी नया नया है !
कर लो भलाई अब, हो जग नाम, वरना को बुराई, किसने तुम्हें रोका।। कर लो भलाई अब, हो जग नाम, वरना को बुराई, किसने तुम्हें रोका।।
बस मेरा दर्द ए दिल पड़ना समझना भूल जाता है। बस मेरा दर्द ए दिल पड़ना समझना भूल जाता है।
आशा के विस्तार से आभा के निस्तार से आशा के विस्तार से आभा के निस्तार से
ग़म दूर करके हर शख़्स का ही देंगे खुशी हर लम्हा वतन को ग़म दूर करके हर शख़्स का ही देंगे खुशी हर लम्हा वतन को
ज्बात सिमट गए मैसेजों में, चूल्हे सिमट गए गैसों में, और इंसान सिमट गए पैसों में ..... ज्बात सिमट गए मैसेजों में, चूल्हे सिमट गए गैसों में, और इंसान सिमट गए पैसो...
देखो साथ निभाने का वादा किया है तुमने। देखो साथ निभाने का वादा किया है तुमने।
सोंधी-सोंधी खुशबू है लाई, ऋतु बसंत ले रवानी आई। सोंधी-सोंधी खुशबू है लाई, ऋतु बसंत ले रवानी आई।
बढ़ाया कदम उसने ज्यों ओर मेरी, दिल की धड़कन तेज होने लगी । बढ़ाया कदम उसने ज्यों ओर मेरी, दिल की धड़कन तेज होने लगी ।