STORYMIRROR

Priyanka Sagar

Romance

2  

Priyanka Sagar

Romance

नसीब

नसीब

1 min
131


खुशामदी के लिये

वे मुझ पर मुसकुरा पडे़।

उन्हें देखते हुये।

उनके ख्वाब मे जाके

हम हलचल मचाने लगे।

हमारी रहमत थी उनकी

अकेले मे मुस्कुराने लगे।

वे खुदा से हमारे लिये

दुआ माँगने लगे।

हाथों की लकीर मे

तकदीर के नसीब 

जगमगाने लगे।

वे हमारी भाग्य के लिये

जिन्दगी बसाने लगे।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance