STORYMIRROR

Shalini Tripathi

Tragedy

2  

Shalini Tripathi

Tragedy

खुद को समझना

खुद को समझना

1 min
335

कभी मन करता है

खुद से दूर चली जाऊँ,

इसलिए नहीं कि में दुखी हूँ

इसलिए नहीं मैं ग़ुस्सा हूँ

इसलिए कि मुझे खुद को समझने की कोशिश है!



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy