STORYMIRROR

खत में नहीं लिखा

खत में नहीं लिखा

1 min
366


दीवारों पर जो खत में नहीं लिखा,

इबादत खुदा से जमाने में क्या दिखा,

जिंदगी ने हर पल कुछ न कुछ लिखा।


एक दूसरे से करते नफरत,

पल भर की जिंदगी में क्या लिखा

दीवारों पर, जो खत में नहीं लिखा।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Drama