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खत में नहीं लिखा

खत में नहीं लिखा

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दीवारों पर जो खत में नहीं लिखा,

इबादत खुदा से जमाने में क्या दिखा,

जिंदगी ने हर पल कुछ न कुछ लिखा।


एक दूसरे से करते नफरत,

पल भर की जिंदगी में क्या लिखा

दीवारों पर, जो खत में नहीं लिखा।


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