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Nitu Rathore Rathore

Abstract Romance Inspirational

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Nitu Rathore Rathore

Abstract Romance Inspirational

*****खो गए*****

*****खो गए*****

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आपसे बिछड़े तो इतने खो गए

हम थे किसके और किसमें खो गए।


आपकी तस्वीर क्यूँ दिखती नहीं

प्यार में मन, मन से मिले खो गए।


क्यूँ पिरोया प्यार को बनकर मोती

बिखरें आँगन में जिसके खो गए।


ज़िन्दगी हमनें सँवारी थी अभी

मंजिलें आई तो रस्ते खो गए।


आप हाथों की लकीर में न थे

"नीतू" के अहसास पहले खो गए।


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