STORYMIRROR

Dr Reshma Bansode

Drama Thriller Others

4  

Dr Reshma Bansode

Drama Thriller Others

खेल

खेल

1 min
261

खेल ही तो है ये ,

हर रोज एक कदम बढ़ाना।

आंखे हर पल सतर्क,

कहीं से कोई खतरा तो नहीं ,

फिर एक कदम चल रुकना।


खेल ही तो है,

आस पास से चौकन्ना रहना,

हर एक संचलन की चिकित्सा करना,

फिर एक कदम चल कर रुकना।


खेल ही तो है,

सामनेवाले के चाल का अनुमान लगाना,

उससे अग्रसर होने की कोशिश करना,

फिर एक कदम चल कर रुकना।


खेल ही तो है,

सबके ध्यान में न आकर प्यादे को रानी बनाना,

प्रच्छन्न होकर अपनी शक्ति बढ़ाना,

फिर एक कदम चल कर रुकना।


खेल ही तो है,

सामने बैठे मुस्कुराते अपने ही

लोगो को,

उनकी धूर्तता का जवाब 

उन्हीं की भाषा में देना ,

फिर एक कदम चल कर रुकना।


शतरंज का खेल ही तो है ,

जब अपने ही अपनो का शिकार करते है।

नकाब पहन कर अपनी चाल चलते है।

फिर एक कदम चल कर रुकना ,

खेल ही तो है ,

हर रोज एक कदम बढ़ाना,

फिर एक कदम चल कर रुकना।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Drama