STORYMIRROR

निखिल कुमार अंजान

Action

4  

निखिल कुमार अंजान

Action

कहावत सदियों से सुनते आए.....

कहावत सदियों से सुनते आए.....

1 min
755

एक और एक ग्यारह होते हैं

कहावत सदियों से सुनते आए


इतिहास के पन्नो मे दर्ज हैं किस्से

जो हमे एकता का मतलब समझाए


एक और एक जब मिल जाते हैं

वो दस पर भी भारी पड़ जाते हैं


मिलकर चलते हैं जब दुर्गम पहाड़ी

पर भी आसानी से पथ बन जाते हैं


सुभाष चंद्र बोस का नारा याद आता है

तुम मुझे खून दो मै तुम्हें आजादी दूगां


इस नारे के साथ सबको जोड़ लिया

एकता के बल पर पूरे देश भर मे


आजादी का परचम लहरा कर

फिरंगीयों को पीछे खदेड़ दिया


एक और एक ग्यारह होते हैं

इस कहावत को चरितार्थ किया।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Action