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Jitendra Vijayshri Pandey

Drama

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Jitendra Vijayshri Pandey

Drama

कैसी दुनिया

कैसी दुनिया

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कैसी दुनिया हो चुकी है यार,

लोगों का attitude ही हो गया आ बैल मुझे मार।

वाक़ई दुनिया बदल तो रही है क्योंकि

हर कोई होने लगा है इससे दो चार।

कैसी दुनिया...


भंवर में ख़ुद को ख़ुद ही फंसा लेते है बार-बार,

तभी तो चुभते हैं नुकीले ख़ार।

वाक़ई दुनिया जीना तो सीख रही है क्योंकि

हर कोई होने लगा है इससे बेज़ार।।

कैसी दुनिया...



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