S Ram Verma
Romance
कहते हैं
काव्य में
मधुरता और मादकता
दोनों ही समाहित
होती है
बस कोई
उसकी संज्ञा
कोई उसका
सर्वनाम सिद्ध
करने वाला
होना चाहिए !
बारिश
सुनहरा संसार
देह का नमक
तेरी आंखें।
हृदय की अभिला...
मेरी चाहत।
टेडी बियर
प्रेम कविता।
असीम प्रेम।
टीस
आपकी चाहत, मोहब्बत,उंसियत का है असर। आपकी चाहत, मोहब्बत,उंसियत का है असर।
तुम खुशियों के शीशमहल में, तुम मेरी तन्हाई में.. तुम खुशियों के शीशमहल में, तुम मेरी तन्हाई में..
अभियुक्त तुम इस जीवन की, आत्महंता लालसायें। अभियुक्त तुम इस जीवन की, आत्महंता लालसायें।
माना मुश्किलें हैं इस संसार में आसान नहीं कुछ भी इतना, माना मुश्किलें हैं इस संसार में आसान नहीं कुछ भी इतना,
"फूल" के लिए मोगरे के फूल लाया हूं बहारों से चुराकर थोड़ी महक लाया हूं। "फूल" के लिए मोगरे के फूल लाया हूं बहारों से चुराकर थोड़ी महक लाया हूं।
अर्ध मौन, अर्ध अभिव्यक्ति तुम तुम अर्ध प्रेम की भाषा। अर्ध मौन, अर्ध अभिव्यक्ति तुम तुम अर्ध प्रेम की भाषा।
शहर में तुम्हारी गंध फैली है अभी भी हर आयोजन में। शहर में तुम्हारी गंध फैली है अभी भी हर आयोजन में।
तुम कहो तो तुम्हारे नाम एक गज़ल लिख दें बरस जाओगे क्या बेवजह तुम्हे बादल लिख दें। तुम कहो तो तुम्हारे नाम एक गज़ल लिख दें बरस जाओगे क्या बेवजह तुम्हे बादल लिख ...
मैं तो अपने को भूल रहा, तुम कर लेती हो याद मुझे। मैं तो अपने को भूल रहा, तुम कर लेती हो याद मुझे।
तुम्हें समेट लिया है भीतर जैसे जाड़ों में समेट लिए जाते हैं धरती पर बिखरे पारिजात। तुम्हें समेट लिया है भीतर जैसे जाड़ों में समेट लिए जाते हैं धरती पर बिखरे प...
रख सकता था तुम्हे और तुम्हारे उस मखमल सम मृदुल एहसास को। रख सकता था तुम्हे और तुम्हारे उस मखमल सम मृदुल एहसास को।
प्रेम सुधा की प्यासी राधा ताप बिरह का कैसे सहे। प्रेम सुधा की प्यासी राधा ताप बिरह का कैसे सहे।
उदासियों का कर के आलिंगन, ले लो सुबह सवेरे अंगड़ाई। उदासियों का कर के आलिंगन, ले लो सुबह सवेरे अंगड़ाई।
इश्क़ को बस यही दीवानगी यही सुकून चाहिए। इश्क़ को बस यही दीवानगी यही सुकून चाहिए।
हैं तेरे बारे में तो बात बहुत , और कुछ मेरी अपनी बीती है ।। हैं तेरे बारे में तो बात बहुत , और कुछ मेरी अपनी बीती है ।।
पर्व आधुनिक प्रेम का, वैलिन्टाइन नाम। हमने भी विधिवत किया, एक एक सब काम।। पर्व आधुनिक प्रेम का, वैलिन्टाइन नाम। हमने भी विधिवत किया, एक एक सब काम।।
खिले पँखुरिया ज्यों गुलाब की , ऐसे अधर खिले तेरे ! खिले पँखुरिया ज्यों गुलाब की , ऐसे अधर खिले तेरे !
कुंद...सेमल...हरसिंगार...पलाश इन लताकुंजों को है तुम्हारी तलाश। कुंद...सेमल...हरसिंगार...पलाश इन लताकुंजों को है तुम्हारी तलाश।
रे पागल मन यहाँ किसका हुआ तू दीवाना कैसे बताऊँ तुझे कितना ज़ालिम है ज़माना। रे पागल मन यहाँ किसका हुआ तू दीवाना कैसे बताऊँ तुझे कितना ज़ालिम है ज़माना।
अनुरागी लालिमा कपोलों पर छटा इंद्रधनुषी-सी खिल गई। अनुरागी लालिमा कपोलों पर छटा इंद्रधनुषी-सी खिल गई।