Dhanjibhai gadhiya "murali"
Romance
आसमानके बादलोंका काज़ल बना दूँ,
उस काज़ल को तेरी आंखोमें लगा दूँ,
कजरारी आंखों से नज़र मिलाकर "मुरली"
तेरी तस्वीर को मेरे दिल में बसा लूँ।
रंगीला मौसम
तुम ही मेरा स...
क्या है ये जि...
मोहब्बत क्या ...
इश्क की समझदा...
दीदार
मै और मेरा सं...
अगर कलम रूठ छ...
जीवन एक संगीत
दिल का किराये...
तुम जो बस गये थे ख़ुशबू बनकर और मैं थी सराबोर तुम्हारी ख़ुशबू में। तुम जो बस गये थे ख़ुशबू बनकर और मैं थी सराबोर तुम्हारी ख़ुशबू में।
उनका इठलाते हुए यादों में आना और जाना था । उनका इठलाते हुए यादों में आना और जाना था ।
उसकी ही करता हूँ इबादत ज़र्रे - ज़र्रे में उसका दीदार। उसकी ही करता हूँ इबादत ज़र्रे - ज़र्रे में उसका दीदार।
कहां गुम हो ! कब से ढूंढ रही तुमको व्यस्तताओं के घने जंगल में। कहां गुम हो ! कब से ढूंढ रही तुमको व्यस्तताओं के घने जंगल में।
संभवतः तुम्हारे लौट आने से लौट आएंगे - बादल, बारिश और चिड़ियां हरे जंगलों में ! संभवतः तुम्हारे लौट आने से लौट आएंगे - बादल, बारिश और चिड़ियां हरे जंगलों ...
जैसे दो जिस्म एक जां है ज़हन में तेरा दख़ल कुछ यूँ बढ़ गया है। जैसे दो जिस्म एक जां है ज़हन में तेरा दख़ल कुछ यूँ बढ़ गया है।
ऐ हवा बेखबर तू चली है कहां, चल दिशा मे उसी दिलरूबा है जहां । ऐ हवा बेखबर तू चली है कहां, चल दिशा मे उसी दिलरूबा है जहां ।
एक बार जीके देखो, जो कब से इंतज़ार में है तुम्हारे। एक बार जीके देखो, जो कब से इंतज़ार में है तुम्हारे।
आ फिर से जी के देखें, हम अपनी वो जवानी, बन जाए फिर से शायद, इक प्यारी सी कहानी। आ फिर से जी के देखें, हम अपनी वो जवानी, बन जाए फिर से शायद, इक प्यारी सी कहान...
क्या तुम अंतरिक्ष हो मेरे भीतर के, जिसमें गुम हूँ मैं! क्या तुम अंतरिक्ष हो मेरे भीतर के, जिसमें गुम हूँ मैं!
मुझे बहुत पसन्द हैं तुम्हारी लम्बी खूबसूरत उंगलियां! मुझे बहुत पसन्द हैं तुम्हारी लम्बी खूबसूरत उंगलियां!
ये आग है भगोड़ी छुपती फिरती थी ज्वालामुखियों से अनंत काल से ! ये आग है भगोड़ी छुपती फिरती थी ज्वालामुखियों से अनंत काल से !
तुम्हारे हाथ जब मेरे हाथ में होते हैं तब भूल जाना चाहती हूँ मैं सारे जोड घटाव,,,,,,,, तुम्हारे हाथ जब मेरे हाथ में होते हैं तब भूल जाना चाहती हूँ मैं सारे जोड घ...
जब सुब्ह हुई आई जब साँझ ढली आई है याद तेरी तुझ सी बेबाक चली आई । जब सुब्ह हुई आई जब साँझ ढली आई है याद तेरी तुझ सी बेबाक चली आई ।
सर्दी का मौसम और रुहानी शाम गर्म चाय की प्याली और उनका साथ। सर्दी का मौसम और रुहानी शाम गर्म चाय की प्याली और उनका साथ।
ये चिंताओं का रूखापन कब तक सोख सकेगा प्रेम की स्निग्धता ! ये चिंताओं का रूखापन कब तक सोख सकेगा प्रेम की स्निग्धता !
इतना भी आसान नहीं होता लौटना पुराने दिनों में! इतना भी आसान नहीं होता लौटना पुराने दिनों में!
मेरी साँस साँस बहते हो मेरी कल्पना की गलियों में तुम ही तुम क्यूँ रमते हो। मेरी साँस साँस बहते हो मेरी कल्पना की गलियों में तुम ही तुम क्यूँ रमते हो।
रह लूँगा यादों के सहारे तेरे जाने के बाद प्यार के तेरे नगमे गुनगुनाता सदा रहूँगा। रह लूँगा यादों के सहारे तेरे जाने के बाद प्यार के तेरे नगमे गुनगुनाता सदा रहू...
थम जाए ये लम्हा यहीं ना रह जाए कोई कसक छू रही दिल को, वो बारिश की बूँदों में तेरी महक मेरे आँचल... थम जाए ये लम्हा यहीं ना रह जाए कोई कसक छू रही दिल को, वो बारिश की बूँदों में त...