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मिली साहा

Abstract Classics Children

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मिली साहा

Abstract Classics Children

ज़श्न-ए-जन्मदिन

ज़श्न-ए-जन्मदिन

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चलो मिलकर अपनी प्यारी बिटिया का, 

आज जन्मदिन हम मनाते हैं,

आई है ज़श्न की ये शाम सुहानी, 

कुछ गीत नए, खुशी के हम गाते हैं।।


हर रंग यहांँ, हर साज होगा, 

आज तो खुशियों का आगाज़ होगा,

फलक से तोड़ लाएं कुछ सितारे, 

उनसे चलो एक महफ़िल सजाते हैं।।


दे आते हैं चांँद को भी न्योता, 

चांँदनी के साथ जमीं पे आने को,

इसी बहाने चलो बिटिया को आज हम,

आसमान की सैर भी करवा आते हैं।।


चांँद की चंचल चांँदनी से, 

मांग कर थोड़ी सुनहरी किरणें उधार,

जिसे पहन परी लगे बिटिया हमारी,

ऐसी कोई पोशाक हम बनाते हैं।।


सबसे अनमोल उपहार हो, 

तुम हमारे जीवन का, हमारी सांँसे हो,

तुमने ही तो महकाया है हमारा ये संसार, 

जैसे पुष्प उपवन को महकाते हैं।।


दुनिया की इस भीड़ में,

कभी कम न हो तुम्हारे वजूद की चमक,

जैसे लाखों-लाख सितारे भी, 

चांँद की रोशनी ढक नहीं पाते हैं।।


जन्मदिन के इस शुभ अवसर पर, 

क्या तुम्हें उपहार दें बिटिया,

तुम ही तो हो हमारे जीवन का नूर, 

तुम्हारा चेहरा देख, हर ग़म भूल जाते हैं।।


जीवन की इस विशाल दरिया में, 

खुशियों की कश्ती पर रहो तुम सवार,

ग़म का तूफ़ान न छू पाए तुम्हें, 

यही दुआ उपहार स्वरूप तुम्हे देते हैं।।


यही खिलखिलाहट, यही मुस्कुराहट, 

उम्र भर होठों पर बनी रहे,

उज्जवल हो भविष्य हर ख़्वाब हो पूरा,

यही इबादत हम सदा करते हैं।।


तुम्हारे नन्हें कदम पड़े दहलीज पर, 

है यह तो सौभाग्य हमारा,

बेटियों का सुख तो उन्हें ही मिलता है, 

जो किस्मत वाले होते हैं।।


खुशियों से दामन, इतना भरा रहे,

कि ये आंँखें ना होने पाए नम,

चलो आज तुम्हारे इस जन्मदिन पर, 

तुम्हारे नैनों से यह वादा हम ले लेते हैं।।


हर वर्ष यही उमंग इसी उल्लास के साथ, 

मनता रहे यह जन्मदिन तुम्हारा,

यही सौगात दिल में लेकर,

चलो आज जन्मदिन का जश्न मनाते हैं।।


खेल खिलौने, फूल और कलियांँ,

साथ खुशियों की टोली लेकर,

अपनी नन्ही सी गुड़िया का चलो हम,

आज ज़श्न-ए-जन्मदिन मनाते हैं।।


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