ज़रा संभल के चलना मेरे देश की बेटियों
ज़रा संभल के चलना मेरे देश की बेटियों
पग पग पर कपट के जाल बिछे हैं,
संभल संभल के चलना तुम्हें है,
मेरे देश की बेटियों ।
झूठे प्यार के चक्कर में फंसना नहीं है,
भरोसा किसी पे करना नहीं है,
मेरे देश की बेटियों ।
मां बाप तुम्हारे शुभचिंतक बड़े हैं,
तुम्हारे दुश्मन वे हरगिज़ नहीं हैं,
मेरे देश की बेटियों ।
उनका कहा मानना तुम्हें है,
उनके खिलाफ जाना नहीं है,
मेरे देश की बेटियों ।
उम्र भर का तजुर्बा उन्हें है,
इस बात को समझना तुम्हें है,
मेरे देश की बेटियों ।
उनका रखना मान तुम्हें है,
न करना उनका अपमान कभी है,
मेरे देश की बेटियों ।
अपने मन पर नियंत्रण रखना तुम्हें है,
अपने संस्कारों को छोड़ना नहीं है,
मेरे देश की बेटियों ।
ज़िंदगी से निराश होना नहीं है,
अपने जीवन को बर्बाद करना नहीं हैं,
मेरे देश की बेटियों ।
तुम्हारा ये जीवन तुम्हारा बिलकुल नहीं है,
तुम्हारे मां बाप की ये अमानत है,
मेरे देश की बेटियों ।
अपने जीवन से तुम्हें खेलना नहीं है,
अपने मां बाप को दुख देना नहीं है,
मेरे देश की बेटियों ।
जीवन तुम्हारा ग़ैरों का मोहताज नहीं है,
उनके धोखे से मिट जाए इतना सस्ता नहीं है,
मेरे देश की बेटियों ।
नादान तुम्हें यूं अब बनना नहीं है,
सच्चाई से मुख मोड़ना नहीं है,
मेरे देश की बेटियों ।
मां बाप पर रखना विश्वास तुम्हें है,
उनकी मर्यादा की रखनी लाज तुम्हें है, मेरे देश की बेटियों ,
यूं बग़ावत उनके ख़िलाफ़ तुम्हें करनी नहीं है,
जीवन से हार के आत्महत्या करनी नहीं है,
मेरे देश की बेटियों ।
