STORYMIRROR

Jyoti Naresh Bhavnani

Inspirational Others

4  

Jyoti Naresh Bhavnani

Inspirational Others

ज़रा संभल के चलना मेरे देश की बेटियों

ज़रा संभल के चलना मेरे देश की बेटियों

1 min
240

पग पग पर कपट के जाल बिछे हैं, 

संभल संभल के चलना तुम्हें है,

मेरे देश की बेटियों ।

झूठे प्यार के चक्कर में फंसना नहीं है,

भरोसा किसी पे करना नहीं है,

मेरे देश की बेटियों ।


मां बाप तुम्हारे शुभचिंतक बड़े हैं,

तुम्हारे दुश्मन वे हरगिज़ नहीं हैं,

मेरे देश की बेटियों ।

उनका कहा मानना तुम्हें है,

उनके खिलाफ जाना नहीं है,

मेरे देश की बेटियों ।


उम्र भर का तजुर्बा उन्हें है,

इस बात को समझना तुम्हें है,

मेरे देश की बेटियों ।

उनका रखना मान तुम्हें है,

न करना उनका अपमान कभी है,

मेरे देश की बेटियों ।


अपने मन पर नियंत्रण रखना तुम्हें है,

अपने संस्कारों को छोड़ना नहीं है, 

मेरे देश की बेटियों ।

ज़िंदगी से निराश होना नहीं है,

अपने जीवन को बर्बाद करना नहीं हैं,

मेरे देश की बेटियों ।


तुम्हारा ये जीवन तुम्हारा बिलकुल नहीं है,

तुम्हारे मां बाप की ये अमानत है,

मेरे देश की बेटियों ।

अपने जीवन से तुम्हें खेलना नहीं है,

अपने मां बाप को दुख देना नहीं है,

मेरे देश की बेटियों ।


जीवन तुम्हारा ग़ैरों का मोहताज नहीं है,

उनके धोखे से मिट जाए इतना सस्ता नहीं है,

मेरे देश की बेटियों ।

नादान तुम्हें यूं अब बनना नहीं है,

सच्चाई से मुख मोड़ना नहीं है,

मेरे देश की बेटियों ।


मां बाप पर रखना विश्वास तुम्हें है,

उनकी मर्यादा की रखनी लाज तुम्हें है, मेरे देश की बेटियों ,

यूं बग़ावत उनके ख़िलाफ़ तुम्हें करनी नहीं है,

जीवन से हार के आत्महत्या करनी नहीं है,

मेरे देश की बेटियों ।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational