STORYMIRROR

Akanksha Gupta (Vedantika)

Inspirational

3  

Akanksha Gupta (Vedantika)

Inspirational

रिश्तों की होली

रिश्तों की होली

1 min
168

आओ बनाये कुछ नये रंग,

रिश्तों की इस होली में।


हर ओर हो ख़ुशियों के रंग,

रिश्तों की इस होली में।


एक रंग हो प्यार का जिसमें,

नफरत फीकी पड़ जाए।


इस प्यार का रंग हो ऐसा,

नफरत इसको उतार ना पाए।


आओ बनाये कुछ नये रंग,

रिश्तों की इस होली में।


हर ओर हो ख़ुशियों के रंग,

रिश्तों की इस होली में।


एक रंग हो विश्वास का जिसमें,

अविश्वास बीच में ना आए।


इस विश्वास का रंग हो ऐसा,

मिलनसार सब बन जाए।


आओ बनाये कुछ नये रंग,

रिश्तों की इस होली में।


हर ओर हो ख़ुशियों के रंग,

रिश्तों की इस होली में।


एक रंग उम्मीद का जिसमें,

मन को जाग्रत कर जाए।


इस उम्मीद का रंग हों ऐसा,

निराशा घर ना कर पाए।


आओ बनाये कुछ नये रंग,

रिश्तों की इस होली में।


हर ओर हो ख़ुशियों के रंग,

रिश्तों की इस होली में।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational