STORYMIRROR

Gunjan Johari

Drama Tragedy

2  

Gunjan Johari

Drama Tragedy

जिंदगी

जिंदगी

1 min
83

जिंदगी से लड़ते लड़ते थक गई हूं

मर कर जीना सीख गई हूं

हाथ छोड़ कर जाने वाले

पलट कर जब तू आएगा

सब मिलेंगे तुझे यहां

हमें न‌ तू देख पाएगा।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama