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Yashvi bali

Classics Inspirational

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Yashvi bali

Classics Inspirational

ज़िंदगी सतरंगी धागे..

ज़िंदगी सतरंगी धागे..

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ज़िंदगी सतरंगी धागे

ज़िंदगी धागे हैं

सात रंग से बुन के  

यूँ दुनिया सजायी तुम ने


इन धागों से बुनी है

ये ज़िंदगी की चादर

सात रंगो से सजाया है 

उस ऊपर बैठे कारीगर ने

बड़ी मेहनत से बनाया है इसे


किसी की लम्बी है

किसी की छोटी सी है

किसी की रंग बिरंगी है तो  

ख़ुशियों भरी है ये 

हमने भी इन्ही धागों में 

भर लिया इसे यूँ ही 

जब सफ़ेद रंग के धागे मिले

तो उदासी से झोली भर ली बस 

तेरे रंगो की कद्र कर के यूँ 

जी लिया उन्हें भी


बात एक विश्वास की थी

उलझे रिश्तों को धागों को 

भी धीरे धीरे प्यार से सुलझा लिया

तेरी बुनी हुई चादर है ये ज़िंदगी

तुझे कभी मौक़ा ना देंगे 

तेरी ना फ़रमानी का  

जिस रंग की औड़ायी तूने 

उसी रंग की मैंने अपनायी ज़िंदगी।


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