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Neeraj pal

Tragedy

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Neeraj pal

Tragedy

जीवन-साथी

जीवन-साथी

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ऐ मेरे जीवन साथी ,ए !मेरे प्यारे हमदम ,

तुमसे हम यह कैसे कह दें, तुम्हारे भूल जाने का गम।


हो तुम साथ हर पल मेरे, फिर भी क्यों तड़पाते हो,

अजीब प्रेम का प्याला पिला कर, तपन ना होती फिर भी कम।


तुम्हारी याद में जो आंसू बहते ,राहत का काम करते हैं,

यह आंसू कभी सूख न पाए ,जब तक रहे प्राण में दम।


हमें प्रेम -पाश में बांधकर ,तुम ने कैसा खेल रचाया है,

कहीं का भी ना छोड़ा तुमने ,फिर भी तड़पते मिलने को हम।


तुम्हारी जुदाई का जो दर्द मिला ,इसमें भी प्यार झलकता है,

आंख बंद कर जब भी देखा, "नीरज" ने पाया तुमको हमदम।


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