STORYMIRROR

अपर्णा गुप्ता

Inspirational

4  

अपर्णा गुप्ता

Inspirational

जीवन जी पाओगे

जीवन जी पाओगे

1 min
485

जग अपना है यदि तुम गले लगाओगे

इस मधुबन को निश्चय ही महकाओगे


आपस मे मिलना सीखो

कलियो से खिलना सीखो


कोई ऐसा प्रश्न नही हल ना जो कर पाओगे

कुछ नूतन परिवेश अगर ला पाओगे

इस मधुबन को निश्चय ही महकाओगे


फूलो से हंसना सीखो

कांटो से बचना सीखो  

लहरो की चंचलता लो

किरनो की ले सुन्दरता


मुट्ठी भर मुस्कान अगर बिखराओगे 

इस मधुबन को निश्चय ही महकाओगे


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational