"जीव बना हथियार "।
"जीव बना हथियार "।
मानव जनित विषाणु ने, रौंद दिया संसार।
इसके आगे पस्त सभी ,जीव बना हथियार।
जीव बना हथियार,चला न अस्त्र शस्त्र तलवार।
मूक बधिर सब बने, झेल रहे ड्रैगन मार।
कह 'जय' बुरा करता, कहलाता वही दानव।
विध्वंस सब छोडकर,रब कल्याण करें मानव।

