Jai Singh(Jai)
Tragedy Action Inspirational
अबला भारत देश की, खूब बनी अंजान
देव पीर सब पूजती, हुआ न उसको ज्ञान
हुआ न उसको ज्ञान, ढोंग में ऐसी उलझी
उभर सकी ना आज,गुत्थी ना उसकी सुलझी
जन्म लिया जब भीम, बनाया उसको सबला
भूल गई अहसान, रही अबला की अबला।
"वंदन नूतन वर...
"ज्ञान के दीप...
पर्व यह ज्योत...
" पटाखे हम न ...
" नमन नमन गु...
"ललई सिंह "
" राखी का त्य...
" भीम ने राखी...
" मेजर ध्यान...
अबला भारत देश...
यह कविता समाज में किसान के साथ होते अन्याय को आवाझ देती है । यह कविता समाज में किसान के साथ होते अन्याय को आवाझ देती है ।
वक्त जो गुजर जाए लौट कर आता नही। वक्त जो गुजर जाए लौट कर आता नही।
मेरा बेटी होना बड़ा अपराध है क्या? मेरा बेटी होना बड़ा अपराध है क्या?
कोई बहुत रूपसी लड़की का रिश्ता तो नहीं आ रहा। कोई बहुत रूपसी लड़की का रिश्ता तो नहीं आ रहा।
जाने अंजाने कभी मिल भी जाना पुरानी बातों को भूल न जाना। जाने अंजाने कभी मिल भी जाना पुरानी बातों को भूल न जाना।
तय किया लोमड़ी नहीं छोड़ेगी चाहे जितने उपर लटके दूसरों के लिए खट्टे नहीं छोड़ेगी तय किया लोमड़ी नहीं छोड़ेगी चाहे जितने उपर लटके दूसरों के लिए खट्टे ...
स्वच्छ गगन में विचरण करता हरियाली में सोता हूँ स्वच्छ गगन में विचरण करता हरियाली में सोता हूँ
इतिहास की किताबें भर दें अपने सामने की गोलियों के रोमांच के साथ। इतिहास की किताबें भर दें अपने सामने की गोलियों के रोमांच के साथ।
आज वर्षों बाद तुम्हें पढ़ा है मैंने, एक वक़्त था जब प्यार करती थी तुमसे। आज वर्षों बाद तुम्हें पढ़ा है मैंने, एक वक़्त था जब प्यार करती थी तुमसे।
एक बुझता हुआ चिराग, हूँ मैं, अपनी मंजिल की खोज में।" एक बुझता हुआ चिराग, हूँ मैं, अपनी मंजिल की खोज में।"
मर मिटते हो जिसके चेहरे पर उसे पाकर ही दम लेते हो। मर मिटते हो जिसके चेहरे पर उसे पाकर ही दम लेते हो।
मै सरकारी ऑफिस हूं, अब मै लबालब भर गया हूं। मै सरकारी ऑफिस हूं, अब मै लबालब भर गया हूं।
माँ ! मैं तेरा जवान बेटा, देश का नौजवान। माँ ! मैं तेरा जवान बेटा, देश का नौजवान।
कुदरती विरोध प्राकृतिक विपदा कुदरती विपदा प्रकृति पहल हारा प्रकृति विकाश और जीवन कुदरती विरोध प्राकृतिक विपदा कुदरती विपदा प्रकृति पहल हारा प्रकृति विकाश...
एक बार हाथ जोड़कर, हैं वोट मांगने आ जाते कभी पैरों पर गिरकर , हैं अपने भी बन जाते। एक बार हाथ जोड़कर, हैं वोट मांगने आ जाते कभी पैरों पर गिरकर , हैं अपने भी बन ...
बगावती लड़कियाँ जन्म से ऐसी नही होती। बगावती लड़कियाँ जन्म से ऐसी नही होती।
गोकुल के ग्वाल कन्हैया, मुरली मनोहर, कान्हा तारणहार रचाए लीला, गोकुल के ग्वाल कन्हैया, मुरली मनोहर, कान्हा तारणहार रचाए लीला,
सपने देखता कि आज आँखें खोल देगा बबुआ झूलेगा उसकी गर्दन से! सपने देखता कि आज आँखें खोल देगा बबुआ झूलेगा उसकी गर्दन से!
सारा परिवेश बदल चुका है अब बदल गया है पड़ोसी...। सारा परिवेश बदल चुका है अब बदल गया है पड़ोसी...।
मेरी वो खुशी, जो मुझे तुझे खुश होता देख कर होती है। नहीं मालूम मुझे , तुझे ये पता है य मेरी वो खुशी, जो मुझे तुझे खुश होता देख कर होती है। नहीं मालूम मुझे , तुझे ये...