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Vedanth Kumar

Horror Children

4  

Vedanth Kumar

Horror Children

लंगड़ा - बंगडा भूत

लंगड़ा - बंगडा भूत

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काली काली रात थी, 

डरने की बात थी।


चमगादड़ उल्टा लटका था, 

टेढ़े पेड़ पर अटका था।


लंगड़ा भूत इंतज़ार में था, 

बंगड़ा भूत भी तैयारी में था।


हवा तेज़ - तेज़ चल रही थी,

बरगद की दाढ़ी हिल रही थी।


अचानक बिजली चमकी, 

जैसे हो एक धमकी।


टिप- टिप बरसा पानी, 

भूतों को याद आ गई नानी।


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