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payal Khatik

Tragedy

3  

payal Khatik

Tragedy

झूठ का बाज़ार

झूठ का बाज़ार

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इंसान इस ज़हां में सिर्फ़ चार दिन ही तो टिकता है,,

तू ही देख मेरे ख़ुदा झूठ कैसे बाजारों में सज कर बिकता है..!


फरेब की इस दुनिया में सच तो पल भर भी नहीं टिकता हैं..,,

जहां भी जाओगे दोहरा नक़ाब ही हर जगह दिखता है..!


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