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payal Khatik

Crime

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payal Khatik

Crime

इंसाफ

इंसाफ

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आया एक दिन अवसर ऐसा जब देश आज़ाद बना,,..

नियम, कानून जोड़ कर मेरे देश का संविधान बना,..


हर अपराध की सजा का दण्ड और प्रावधान बना..

तब से ही धरती पर इंसान भी हैवान बना..!


क्या खूब अनोखा मेरे देश का संविधान बना..

नहीं है इस दुनिया में कहीं इंसाफ़ का मकान बना


झूठ फरेब की इस दुनिया में देखो कैसे ये इंसान बिका..

तोड़ मरोड़ कर क्या खूब अनोखा मेरे देश का संविधान बना...


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