STORYMIRROR

payal Khatik

Abstract

3  

payal Khatik

Abstract

तस्वीर

तस्वीर

1 min
283

दीवार पर एक तस्वीर लटकती है,..

ज़िन्दगी के हर कोने - कोने में यादें भटकती हैं,..!

वक्त गुज़र जाता है,..

लोग भी गुज़र जाते हैं...

यादें हर पल सांसों का साथ निभाती हुई साथ - साथ चलती हैं,

गुज़रे हुए वक्त से हर पल रूबरू कराती हैं..!

एक वक्त ऐसा भी आता है,

जब ज़िन्दगी पर धुंध की मोटी सी चादर बिछ सी जाती है...

सारी तस्वीरें और यादें धूमिल सी पड़ जाती हैं.! 

पल भर में सब कुछ मिटा जाती हैं..!.


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract