STORYMIRROR

payal Khatik

Tragedy

3  

payal Khatik

Tragedy

मलाल

मलाल

1 min
270

ज़िन्दगी में मलाल है...!

उठ रहा हर घड़ी एक नया सवाल है।


जो गर जवाब न मिले मच जाता बवाल है..!

कुछ भी कहो बहुत बुरा हाल है।।


इस दुनिया में सरे आम हो रहा फरेब और ज़ाल है..!

हर कोई अनजानी भीड़ के पीछे भाग रहा ऎसा कुछ हाल है।।


बड़ा अनोखा सा माया जाल है..!

पता कैसे ये मलाल है।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy