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Radha Shrotriya

Romance Fantasy Others

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Radha Shrotriya

Romance Fantasy Others

जब मैं तुझे सोचने लगी

जब मैं तुझे सोचने लगी

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रात गाँव में

छत पर लेटे हुए

शहर की भीड़ से दूर

जब में तुझे

सोचने लगी !


रात गुन गुनाने लगी

हवाएँ उलझा कर

 मेरे बालों को

सताने लगी !


रात रानी अपनी

खुश्बू

लुटाने लगी !

जब में तुझे सोचने लगी,


चाँद आहें भरने लगा,

चाँदनी

बिछोना करने लगी 

ख्वाबों में

परियाँ उतरने लगी !


जब में तुझे सोचने लगी

मन

सपने संजोने लगा

मन की शांत झील

शोर करने लगी,

मैं आईने में संवरने लगी


जब में तुझे सोचने लगी,

उदास

रात का संगीत

शहनाई के सुरों में,

ढलने लगा !


बसंत ऋतु की

आहट से

गूंज उठी हर धड़कन !

जब में तुझे सोचने लगी,

हाथ की लकीरों में

तेरा नाम सा उभरने लगा।


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