Vijay Kumar parashar "साखी"
Classics
ये हमारी कैसी मजबूरी है
इंसान की इंसान से दूरी है।
वो क्यों कहते फ़िरते हैं
हमारी ही जाति सिर्फ़ पूरी है।
भगवान तो हमने बनाया,
बाकी राम ने तो खाये
शबरी के बैरों की भी धुरी है।
"गोवंश पर अत्...
"चमत्कार"
"दौर मुफ़लिसी ...
"दुआ-बद्दुआ,
"आंटा-सांटा"
"सिंदूर"
"बरसात"
"शांत और स्थि...
"दोगले इंसान"
तू न जाने कहां खो गया आ बैठ, थोड़ी देर, विश्राम कर। तू न जाने कहां खो गया आ बैठ, थोड़ी देर, विश्राम कर।
इक राह पे ही चलना यूँ तो बुरा नहीं है लेकिन यहीं करेगा तो कब नया करेगा। इक राह पे ही चलना यूँ तो बुरा नहीं है लेकिन यहीं करेगा तो कब नया करेगा।
रख दोगे तुम इस दूषित दुनिया को बदल के।। रख दोगे तुम इस दूषित दुनिया को बदल के।।
और जो ना कर सके अदा तो सज़ा भी लाजवाब होती है। और जो ना कर सके अदा तो सज़ा भी लाजवाब होती है।
कि आखिर पुल कहां से टूटा है, और इसे कैसे जोड़ा जाएगा। कि आखिर पुल कहां से टूटा है, और इसे कैसे जोड़ा जाएगा।
बेजोड़ रहे रिश्ता अपना, तेरे प्यार का इतिहास मैं बन जाऊँ। बेजोड़ रहे रिश्ता अपना, तेरे प्यार का इतिहास मैं बन जाऊँ।
या बावफा कह या बेवफा कह मगर तू कोई खिताब दे जा। या बावफा कह या बेवफा कह मगर तू कोई खिताब दे जा।
प्लीज़, फिर ना कहना कि एक है दुनिया। प्लीज़, फिर ना कहना कि एक है दुनिया।
एक बहुत ही दिल से प्यारा मेरा भी था मीत सखी। एक बहुत ही दिल से प्यारा मेरा भी था मीत सखी।
ना रहेगा ये मन भामरा, दिखेगा ये जीवन के धारा। ना रहेगा ये मन भामरा, दिखेगा ये जीवन के धारा।
जा तुझे ख्वाहिशों का नूर अता हो 'अस्मित' इश्क के हिस्से में बस ज़ह्र लुटाने वाले। जा तुझे ख्वाहिशों का नूर अता हो 'अस्मित' इश्क के हिस्से में बस ज़ह्र लुटाने वा...
पंक्षी बन ये मन उड़ता जब क्यों न चहकते गीत मेरे ! पंक्षी बन ये मन उड़ता जब क्यों न चहकते गीत मेरे !
जल्दी जाने की एक फ्रिक में टाइम की प्रक्रिया में बस अन्त हुआ। जल्दी जाने की एक फ्रिक में टाइम की प्रक्रिया में बस अन्त हुआ।
यही एक रोटी की महिमा है ये वोही जनता है जो उसे मेहनत से कमाता है। यही एक रोटी की महिमा है ये वोही जनता है जो उसे मेहनत से कमाता है।
कान्हा पधारे जसोदा-नंद के अँगना गोकुल में बजी बधाई है... कान्हा पधारे जसोदा-नंद के अँगना गोकुल में बजी बधाई है...
आखरी बार तेरे द्वार पर मां मैं ओढ़ तिरंगा आऊंगा। आखरी बार तेरे द्वार पर मां मैं ओढ़ तिरंगा आऊंगा।
आ गया भाई-बहन के अटूट संबंधों का सुमधुर त्यौहार। आ गया भाई-बहन के अटूट संबंधों का सुमधुर त्यौहार।
रक्षाबंधन पर एकसाथ हो जाते हैं ए त्यौहार का जादू है। रक्षाबंधन पर एकसाथ हो जाते हैं ए त्यौहार का जादू है।
महान पुरुष तो हुए बहुत से, पर, मर्यादित उनके जैसा नहीं। महान पुरुष तो हुए बहुत से, पर, मर्यादित उनके जैसा नहीं।
नव भारत का निर्माण करें "आजादी" का हम मान रखें। नव भारत का निर्माण करें "आजादी" का हम मान रखें।