STORYMIRROR

GAUTAM "रवि"

Romance Classics

4  

GAUTAM "रवि"

Romance Classics

जानता हूँ मैं

जानता हूँ मैं

1 min
678

मेरा चेहरा भूल जाओगे तुम, जानता हूँ मैं,

मेरी आदतें याद आयेंगी तब क्या करोगे ?


मुझे भूल जाओगे एक दिन तुम, जानता हूँ मैं,

मेरी बातें याद आयेंगी तब क्या करोगे ?


हर ख्वाब भूल जाओगे तुम, जानता हूँ मैं, 

जब मैं ख्वाबों में चला आऊंगा, तब क्या करोगे ?


हर किस्सा मेरा भूल जाओगे तुम, जानता हूँ मैं,

जब मैं खुद किस्सा बन जाऊँगा, तब क्या करोगे ?


अभी तो हर तरफ रोशनी है तुम्हारे आसपास,

जब परछाईयों में मुझे पाओगे, तब क्या करोगे ?


सुना है मैंने बहुत खुश हो तुम मेरे बगैर भी,

जब तन्हा बैठ आँसू छुपाओगे, तब क्या करोगे ?


नए नए चेहरे बहुत लुभाते हैं तुझको आज भी, 

हर चेहरे में जब चेहरा मेरा पाओगे, तब क्या करोगे ?


सो जाओगे सिमट कर बाँहों में उनकी तुम,

रात में जब डरकर जाग जाओगे, तब क्या करोगे ?


उठकर सुबह मलोगे आँखों को तुम बार बार,

पर जब अपने आस-पास नहीं पाओगे, तब क्या करोगे?


ये रुपये और पैसे बेहद पसंद हैं तुमको,

पर जब बैंक जाकर मुझे ढूंढोगे, तब क्या करोगे ?


ताक रहे हो चांद सितारे और ये नीला आसमान,

जब चांद में 'रवि' को पाओगे, तब क्या करोगे ?


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance