STORYMIRROR

Ritu Garg

Romance

4  

Ritu Garg

Romance

बस इतना है काफ़ी

बस इतना है काफ़ी

1 min
257


तुम मुझसे पूछो हाल मेरा

तुम मुझसे बोलो हंसकर जरा

तुम कुछ दूर साथ चलो मेरे

बस इतना है काफ़ी


तुम कुछ परवाह करो मेरी

कुछ मन की बात करो कभी

कुछ पल साथ रहो मेरे

बस इतना है काफ़ी


दुःख में ना सही

सुख में साथ रहो मेरे

तुम घाव ना कुरेदों मेरे

बस इतना है काफ़ी


कैसी हो, कहो तो ज़रा

कभी अपना मुझे मानो ज़रा

कभी होठों पर हंसी लाओ ज़रा

बस इतना है काफ़ी


एक ही बगिया के माली बन

फूल खुशी के खिलाओ तुम

जीवन में ना उलझो तुम

बस इतना है काफी।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance