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Ritu Garg

Romance

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Ritu Garg

Romance

बस इतना है काफ़ी

बस इतना है काफ़ी

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तुम मुझसे पूछो हाल मेरा

तुम मुझसे बोलो हंसकर जरा

तुम कुछ दूर साथ चलो मेरे

बस इतना है काफ़ी


तुम कुछ परवाह करो मेरी

कुछ मन की बात करो कभी

कुछ पल साथ रहो मेरे

बस इतना है काफ़ी


दुःख में ना सही

सुख में साथ रहो मेरे

तुम घाव ना कुरेदों मेरे

बस इतना है काफ़ी


कैसी हो, कहो तो ज़रा

कभी अपना मुझे मानो ज़रा

कभी होठों पर हंसी लाओ ज़रा

बस इतना है काफ़ी


एक ही बगिया के माली बन

फूल खुशी के खिलाओ तुम

जीवन में ना उलझो तुम

बस इतना है काफी।


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