Hurry up! before its gone. Grab the BESTSELLERS now.
Hurry up! before its gone. Grab the BESTSELLERS now.

KAVY KUSUM SAHITYA

Romance


4  

KAVY KUSUM SAHITYA

Romance


पल भर के लिये

पल भर के लिये

1 min 73 1 min 73


           


जिंदगी गुजर रही है 

तेरे इंतज़ार में ।।          

कुछ

पल ही सही 

आ भी जा आ भी जा आ भी जा

तेरा मुस्कुराना ,

शरारते ,नादानियां तन्हाई में

याद सताती ।

जिंदगी उम्मीद तेरे दीदार की बाकी।

कुछ पल ही सही 

आ भी जा आ भी जा आ भी जा


तेरा तपती दोपहरी में

नंगे पाँव आना रूठना

मनाना गिले ,शिकवे ,शिकायतों

का दौर वादे कस्मे निभाना

आज जिंदगी जीने का बहाना।।

कुछ पल ही सही 

आ भी जा आ भी जा आ भी जा


गलियों की कली नाज़ो की 

डाली में पली हर जवाँ की

आरजू की नसीब चुलबुली

अरमानों की कश्ती मजधार

में खोजती किनारे का ठिकाना।।

कुछ पल ही सही 

आ भी जा आ भी जा आ भी जा


कजरारे नैन हिरनी जैसी

चाल घर से जब भी निकलती

मचलती दिलों साँसों की धड़कन

की एक ही आवाज

काश मेरी जिन्दंगी होती।

कुछ पल ही सही 

आ भी जा आ भी जा आ भी जा


तू मकसद की महबूबा 

हसरत की आशिकी हस्ती

मस्ती चाँद की चाँदनी

मल्लिकाये मोहब्बत मासूका

कुछ पल ही सही 

झलक दिखला जा आ भी जा आ भी जा आ भी जा


कमसिन, भोली ,सूरत

संगेमर की मूरत कोई

करता तेरी इल्तज़ा कोई

इबादत मेरी जिंदगी की

बंदगी तू मेरे लिए खुदा

कुछ पल ही सही 

मेरी जिंदगी की मुरादें 

क़ुबूल कर आ भी जा आ भी जा

आ भी जा।।



Rate this content
Log in

More hindi poem from KAVY KUSUM SAHITYA

Similar hindi poem from Romance