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Meera Raikwar

Romance

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Meera Raikwar

Romance

चाहत

चाहत

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जब भी तेरी याद आती है

मेरा सिर तेरे कांधों पर होता है

ये जिंदगी की भाग दौड

ये तनाव भरी जिंदगी

तेरे करीब आकर लगता है


मंंजिल मिल गई

बस तुम न कुछ बोलो

न मैैं कुछ बोलूं

बस और कुछ न हो

बस तुम मैं और ये तन्हाई हो

मौन प्यार करें


आगोश में एक दूजे के

कांंधो पर.सर रख

जी लें कुछ अपने लिए

इस तन्हाई में न जाने

जिंदगी का वो आखिरी

पडाव आ जाये


जहां हम हमेशा के लिए

जुुदा हो जायेें

कुुछ पा लेने की हसरत मेंं

जिंदगी जीने की एक ललक

एक प्यार के लिए तरस जायेे।


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