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Suraj Pratap Singh

Romance

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Suraj Pratap Singh

Romance

रंग नहीं जॅंचता...

रंग नहीं जॅंचता...

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कशमकश में हूं

कैसे खेलूंगा मैं

होली

तुम्हारे साथ

लगाऊं कौन सा रंग तुम्हे

नहीं लगता मुझे

है कोई ऐसा रंग भी

जो जॅंच जाए

तुम्हारे

मखमली गुलाबी गालों पर।



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