Haripal Singh Rawat (पथिक)
Drama
कल स्याह रात,
दूधिया-असित।
खुले केशों में,
मिल गया....
फिर वही ख्वाब,
ड़रावना,
कुछ सच सा।
ना इत्तफ़ाकन...
इत्तफ़ाक से।
अगम्य राह
नूतन वत्सर
सहानुभूतिक जि...
भृंग उर
इश्क़-इस्बात
कौन पथिक?
'इश़्क सौ बार...
खुदकुशी
भाव और पथिक
भोली-भाली नटखट, अल्हड़ तू कमाल, तेरी सादी काया की, क्या दूँ मैं मिसाल। भोली-भाली नटखट, अल्हड़ तू कमाल, तेरी सादी काया की, क्या दूँ मैं मिसाल।
मेरा तो मां ही मंदिर, मां ही मेरी पूजा संतान हेतु, मां शब्द फ़लक से ऊंचा मेरा तो मां ही मंदिर, मां ही मेरी पूजा संतान हेतु, मां शब्द फ़लक से ऊंचा
तभी से प्रति वर्ष यह होली का शुभ पर्व है मनाया जाता। तभी से प्रति वर्ष यह होली का शुभ पर्व है मनाया जाता।
भयंकर रूप और बिखरे बाल है भूत-पिशाच को दूर भगाती है भयंकर रूप और बिखरे बाल है भूत-पिशाच को दूर भगाती है
जब जब मुझे देखा तुम्हें उसकी बेवफ़ाई ही याद आई। जब जब मुझे देखा तुम्हें उसकी बेवफ़ाई ही याद आई।
यमराज नहीं हटा सके, लिपटे जब शिवलिंग, शिव भक्ति के आगे, मन्नत नहीं रही अधूरी।। यमराज नहीं हटा सके, लिपटे जब शिवलिंग, शिव भक्ति के आगे, मन्नत नहीं रही अधूरी।...
वक्त ने सितम ऐसा ढाया। वक्त तेरे देने का आया। वक्त ने सितम ऐसा ढाया। वक्त तेरे देने का आया।
अब आगे न पूछियेगा, जरा प्राइवेट बात है वही हुआ जिसके लिए, की जाती मुलाक़ात है। अब आगे न पूछियेगा, जरा प्राइवेट बात है वही हुआ जिसके लिए, की जाती मुलाक़ात है...
जो सत्य पर चले, लोग उसे पगला कहते लाला सत्य फूलों की नही, झूठे फूलों की पसंद माला जो सत्य पर चले, लोग उसे पगला कहते लाला सत्य फूलों की नही, झूठे फूलों की पसंद ...
सत्य रो रहा है, अकेला आज पर उसके आंसू भी देंगे घात सत्य रो रहा है, अकेला आज पर उसके आंसू भी देंगे घात
आदर्श संस्कार अपनी अमीरता है देश की संस्कृति को बचाना है ! आदर्श संस्कार अपनी अमीरता है देश की संस्कृति को बचाना है !
असुरी शक्तियों को, जगा चुका है, तामसिक वृति का हो चुका है इंसान, असुरी शक्तियों को, जगा चुका है, तामसिक वृति का हो चुका है इंसान,
दुख हो सुख हो सब माता पिता के साथ अच्छे लगते हैं मां... दुख हो सुख हो सब माता पिता के साथ अच्छे लगते हैं मां...
वो न होते, कहाँ से लाते कृतज्ञता, कर्म लौ हुजूर है।। वो न होते, कहाँ से लाते कृतज्ञता, कर्म लौ हुजूर है।।
मुलाक़ात हो जाने के बाद भी अनदेखा कर देंगे. मुलाक़ात हो जाने के बाद भी अनदेखा कर देंगे.
आखिर आँसू भी तो हृदय को उतनी ही राहत देते हैं जितना सुकून एक हंसी में होता है छिपा। आखिर आँसू भी तो हृदय को उतनी ही राहत देते हैं जितना सुकून एक हंसी में होता है छि...
तो वह दिल और रूह देकर। सिर्फ़ कोई मांगे निशानी। तो वह दिल और रूह देकर। सिर्फ़ कोई मांगे निशानी।
ये सब करके मिली, हाय ये कैसी तन्हाई ये सब करके मिली, हाय ये कैसी तन्हाई
आईने से तो कहते दिल के हर अरमान यही तो होता हल्का दर्द का समान आईने से तो कहते दिल के हर अरमान यही तो होता हल्का दर्द का समान
ना जाने कितने लोगों की जानें गईं हैं इन दो साल में। ना जाने कितने लोगों की जानें गईं हैं इन दो साल में।