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Haripal Singh Rawat (पथिक)

Inspirational

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Haripal Singh Rawat (पथिक)

Inspirational

खुदकुशी

खुदकुशी

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थकहार दुखों से एक दिन, 

सोचा जीवन का कर दूँ त्याग।

चल पड़ा कूदने, इक उक्त माप से, 

मन में लिये कई करुण राग॥


घूम काल भर पहुँच गया. . . फिर एक, 

पुल के पास मैं, 

लहरों से छलित. . . हो रहा था जहाँ, 

यह मन विशालमय,

जहाँ पवन मन्द करती थी. . . हृदय प्रघात भी, 

था वाहनों का शोर, और यह मन आघात भी॥


भर दोहरी साँस, कर दृढ़ प्रण, 

ज्यों मूँदे चक्षु , अगले ही क्षण। 

कूदने को मैं था तैयार, 

किन्तु आड़े आ गया, वह माँ का प्यार।

एक प्रतिबिम्ब. . . एक मधुर वाक्य ने, 

मेरे अस्तित्व ने, ममता के वाच्य ने।

भरे ज़ख़्म सारे, हरे दुख तमाम।

किया ज़िन्दगी को फिर.. मेरे नाम।

किया ज़िन्दगी को फिर .. मेरे नाम।।


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